पूर्व सैनिकों के लिए डिज़ाइन की गई DSP पेंशन योजना के तहत एक्सीडेंटल डेथ पर मिलने वाला 30 लाख रुपये तक का बीमा कवरेज (Insurance Cover) कई बार परिवारजनों की जानकारी के अभाव में क्लेम नहीं हो पाता है। इस लेख में बताया गया है कि यदि किसी पूर्व सैनिक का निधन दुर्घटना या उपचार के दौरान होता है, तो उसके परिवार को यह बीमा क्लेम कैसे प्राप्त करना चाहिए।
कब लागू होता है यह बीमा ?
यदि किसी पूर्व सैनिक का:
- एक्सीडेंट के कारण निधन होता है
- उन्हें इलाज हेतु हॉस्पिटल में भर्ती किया गया हो
- और मृत्यु उपचार के दौरान हो जाती है
तो अस्पताल के डॉक्टर से पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट लिखवाना आवश्यक है कि मौत एक्सीडेंट के कारण इलाज के दौरान हुई।
DSP पेंशन और बीमा कवर
- DSP (Defence Services Pension) अकाउंट में पेंशन पाने वाले पूर्व सैनिकों को एक्सीडेंटल डेथ पर ₹30 लाख का बीमा मिलता है।
- यह कवर PBOR/Ex-Servicemen को मिलता है।
- यह क्लेम उनकी पत्नी द्वारा बैंक में आवेदन देकर किया जा सकता है, बच्चों द्वारा सारी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद।
आवश्यक दस्तावेज़:
बीमा के लिए बैंक में आवेदन करते समय निम्न दस्तावेज़ों की स्व प्रमाणित फोटो कॉपी संलग्न करनी होगी:
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट
- आधार कार्ड
- पूर्व सैनिक पहचान पत्र
- बैंक पासबुक
- पुलिस एफआईआर की प्रति (FIR Copy)
विशेष सलाह: जॉइंट अकाउंट को सिंगल में न बदलें
जब तक 30 लाख रुपये का बीमा क्लेम प्रोसेस पूरा नहीं होता, तब तक पत्नी को जॉइंट अकाउंट को सिंगल अकाउंट में परिवर्तित नहीं करवाना चाहिए।
क्लेम के प्रोसेस के बाद ही सिंगल अकाउंट में पेंशन ट्रांसफर करवाएं और फिर पत्नी के नाम से पेंशन शुरू कराएं।
निष्कर्ष:
यह जानकारी सभी पूर्व सैनिकों के परिवारजनों, विशेषकर उनकी पत्नियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। DSP पेंशन धारकों के लिए यह बीमा सुरक्षा कवच उनके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करता है, बशर्ते कि सभी आवश्यक प्रक्रिया समय पर और सही तरीके से पूरी की जाए।
📣 कृपया इस लेख को अन्य पूर्व सैनिकों और उनकी परिवारजनों तक पहुँचाएँ ताकि वे इस महत्वपूर्ण लाभ से वंचित न रह जाएँ।
अगर आपको इस प्रक्रिया में किसी सहायता की आवश्यकता हो, तो Sainik Club हमेशा आपके साथ है।
✍️ लेखक: Sainik Club Team
📅 तिथि: जुलाई 2025
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