पूर्व सैनिक अभी भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब, सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व सैनिकों के पक्ष में न्याय दिया है, जिससे हजारों पूर्व सैनिकों को राहत मिलेगी। डिफेन्स सिक्योरिटी कोर (DSC) में सेवा देने वाले पूर्व सैनिकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला एक ऐतिहासिक जीत माना जा रहा है। लंबे समय से लंबित DSC सेकंड सर्विस पेंशन का मामला अब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से तय कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि:
- DSC में दूसरी सेवा करने वाले सैनिक दूसरी पेंशन पाने के हकदार हैं, भले ही वे पहली आर्मी सेवा की पेंशन पहले से ले रहे हों।
- यदि क्वालिफाइंग सर्विस में 1 साल तक की कमी हो, तो उसे Pension Regulations के अनुसार माफ (Condone) किया जा सकता है।
- सरकार के Executive Letters, Pension Regulations से ऊपर नहीं हो सकते।
- लगभग 13 साल 6 महीने DSC सेवा वाले सैनिक भी अब Round Off और Condonation के आधार पर सेकंड पेंशन के पात्र हो सकते हैं।
इस फैसले से हजारों DSC पूर्व सैनिकों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी पेंशन पहले अस्वीकार कर दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला
यह ऐतिहासिक फैसला 24 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने
Union of India vs Balakrishnan Mullikote & Others (2026 INSC 286) मामले में दिया।
कोर्ट ने कहा कि:
- DSC कर्मचारी Armed Forces का हिस्सा हैं।
- उन पर Army Pension Regulations लागू होते हैं।
- इसलिए Qualifying Service में कमी माफ करने वाले नियम DSC कर्मियों पर भी लागू होंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या स्पष्ट किया?
1. DSC कर्मियों को दूसरी पेंशन मिलेगी
सरकार का तर्क था कि जो व्यक्ति पहले से Army Pension ले रहा है, उसे DSC सेवा के लिए दूसरी पेंशन नहीं दी जा सकती।
लेकिन सुप्रीम Court ने यह तर्क खारिज कर दिया और कहा:
- DSC सेवा अलग और स्वतंत्र दूसरी सेवा मानी जाएगी।
- DSC सेवा से अर्जित दूसरी पेंशन पूरी तरह वैध है।
- Pension Regulations में DSC कर्मियों को दूसरी पेंशन देने पर कोई रोक नहीं है।
2. 1 साल तक की कमी माफ हो सकती है
कोर्ट ने आगे कहा:
- Pension Regulations 1961 और 2008 के अनुसार Qualifying Service में 1 साल तक की कमी माफ की जा सकती है।
- सरकार के Policy Letters यदि Pension Regulations के खिलाफ हैं, तो वे मान्य नहीं होंगे।
यह इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
3. 13 साल 6 महीने सेवा वाले भी हो सकते हैं पात्र
यह फैसला सबसे ज्यादा फायदा उन DSC पूर्व सैनिकों को देगा जिनकी सेवा लगभग 13 साल 6 महीने है।
Pension Regulations और पुराने सुप्रीम कोर्ट फैसलों के अनुसार:
- 3 महीने से अधिक सेवा को Half Year माना जाता है।
- पहले Half Year Round Off लागू होगा।
- उसके बाद 1 साल तक की कमी माफ की जा सकती है।
इसलिए:
लगभग 13 साल 6 महीने DSC सेवा वाले सैनिक भी अब पात्र हो सकते हैं, यदि:
- Round Off लागू किया जाए,
- सही Qualifying Service निकाली जाए,
- और कमी को Condonation के तहत माफ किया जाए।
देशभर की कई Armed Forces Tribunal (AFT) बेंच पहले भी इस सिद्धांत को मान चुकी हैं।
कौन–कौन अब AFT में OA फाइल कर सकता है?
निम्नलिखित पूर्व सैनिक अब Armed Forces Tribunal (AFT) में Original Application (OA) दाखिल करने पर विचार कर सकते हैं:
पात्र श्रेणियां
- DSC कर्मी जो पहली Army Pension पहले से ले रहे हैं
- वे सैनिक जिनकी दूसरी पेंशन सेवा की कमी के कारण रोकी गई
- लगभग 13.5 साल या उससे अधिक DSC सेवा वाले पूर्व सैनिक
- जिनकी पेंशन Government Letters के आधार पर अस्वीकार हुई
- पात्र मामलों में Widows / Family Pension Claimants
OA फाइल करने के लिए जरूरी दस्तावेज
सामान्यतः निम्न दस्तावेज आवश्यक होंगे:
- पहली पेंशन का PPO
- DSC Discharge Book
- Service Records
- Rejection Letter (यदि हो)
- Representation Copies
- पहचान पत्र
- बैंक विवरण
- Records Office / PCDA से संबंधित पत्राचार
अब देरी क्यों नहीं करनी चाहिए?
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद DSC कर्मियों की कानूनी स्थिति काफी मजबूत हो गई है।
अब:
- AFT में केस जीतने की संभावना काफी बढ़ गई है,
- अधिक देरी होने पर एरियर प्रभावित हो सकते हैं,
- और समान परिस्थिति वाले अन्य पूर्व सैनिक भी राहत पा सकते हैं।
इसलिए पात्र पूर्व सैनिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी अनुभवी Armed Forces Pension Advocate से सलाह लेकर जल्द OA फाइल करें।
अन्य पूर्व सैनिकों को भी मिल सकता है लाभ
यह फैसला केवल DSC कर्मियों तक सीमित नहीं है।
निम्न कानूनी सिद्धांत अन्य Ex-Servicemen को भी मदद कर सकते हैं:
- Qualifying Service की कमी माफ करना
- Service Round Off
- Pension Regulations की सही व्याख्या
- पेंशन अधिकारों की सुरक्षा
हालांकि हर केस उसकी सेवा शर्तों और लागू नियमों के अनुसार तय होगा।
अंतिम बात
DSC सेकंड पेंशन मामले में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पूर्व सैनिकों के लिए एक ऐतिहासिक जीत है।
कई वर्षों से हजारों DSC पूर्व सैनिक अपनी वैध पेंशन से वंचित थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि:
- DSC कर्मी दूसरी पेंशन के हकदार हैं,
- 1 साल तक की कमी माफ की जा सकती है,
- और लगभग 13 साल 6 महीने सेवा वाले सैनिक भी पात्र हो सकते हैं।
इसलिए पात्र पूर्व सैनिक समय रहते AFT में कानूनी कार्रवाई करें और अपने पेंशन अधिकार तथा एरियर प्राप्त करें।