क्या Army में Hypertension पर Disability Pension मिल सकती है?

भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के हजारों सैनिकों के लिए Primary Hypertension (High Blood Pressure) पर Disability Pension एक महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दा बन चुका है। लंबे समय तक कई मामलों में Medical Board ने Hypertension को “Lifestyle Disease” बताते हुए Disability Pension देने से इनकार किया। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में Supreme Court, Armed Forces Tribunal (AFT) और विभिन्न High Courts ने कई ऐसे फैसले दिए हैं, जिनसे सैनिकों के अधिकार और मजबूत हुए हैं। यदि भर्ती के समय सैनिक पूरी तरह Medical Fit था और सेवा के दौरान उसे Hypertension हुआ, तो सामान्यतः यह माना जाएगा कि बीमारी Military Service से जुड़ी है या सेवा के कारण बढ़ी है, जब तक कि सरकार इसके विपरीत ठोस प्रमाण प्रस्तुत न करे।

Primary Hypertension क्या है?

Primary Hypertension वह स्थिति है जिसमें Blood Pressure लगातार बढ़ा रहता है लेकिन उसका कोई स्पष्ट चिकित्सीय कारण नहीं मिलता। Armed Forces में यह बीमारी कई कारणों से विकसित हो सकती है, जैसे Operational Stress, High Altitude Posting, लगातार कठिन Duty, मानसिक दबाव, Combat Readiness और अनियमित जीवनशैली। पहले Medical Boards अक्सर Primary Hypertension को लगभग 30% Disability मानते थे, जिससे कई सैनिकों को Disability Pension का लाभ मिलता था।

Supreme Court ने क्या कहा?

Disability Pension से जुड़े मामलों में सबसे महत्वपूर्ण फैसला Dharamvir Singh बनाम Union of India (2013) माना जाता है। इस फैसले में Supreme Court ने स्पष्ट किया कि भर्ती के समय प्रत्येक सैनिक को स्वस्थ माना जाएगा। यदि Enrolment Medical Examination में कोई बीमारी दर्ज नहीं थी और बाद में सेवा के दौरान बीमारी विकसित हुई, तो यह माना जाएगा कि उसका संबंध Military Service से है। केवल Medical Board की सामान्य राय पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि सरकार को यह साबित करना होगा कि बीमारी का सेवा से कोई संबंध नहीं था। यही सिद्धांत आज भी अधिकांश Hypertension मामलों का आधार है।

ER 2023 और GMO 2023 क्या हैं?

21 सितंबर 2023 से Ministry of Defence ने Entitlement Rules 2023 (ER 2023) और Guide to Medical Officers 2023 (GMO 2023) लागू किए। इन नियमों का उद्देश्य Disability Compensation और Casualty Pension के नियमों को एकीकृत करना था।

ER 2023 के अनुसार किसी बीमारी पर लाभ मिलने के लिए यह देखा जाता है कि वह Military Service के कारण उत्पन्न हुई है या Military Service ने पहले से मौजूद बीमारी को गंभीर बना दिया है। अर्थात Attributable और Aggravated दोनों सिद्धांत आज भी नियमों का हिस्सा हैं। भर्ती के समय की Medical History अब भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

GMO 2023 में Hypertension को लेकर बड़ा बदलाव

GMO 2023 लागू होने के बाद सबसे बड़ा बदलाव Hypertension की Disability Assessment में किया गया। पहले जहां Primary Hypertension को सामान्यतः लगभग 30% Disability माना जाता था, वहीं अब कई मामलों में इसकी Assessment लगभग 5% तक सीमित कर दी गई है। इसका प्रभाव यह है कि यदि Disability Percentage निर्धारित न्यूनतम सीमा से कम रहती है तो Impairment आधारित लाभ प्राप्त करना कठिन हो सकता है। हालांकि केवल Medical Percentage कम होने से कानूनी अधिकार समाप्त नहीं हो जाते और प्रत्येक मामले के तथ्य अलग-अलग देखे जाते हैं।

Attributable, Aggravated और NANA का अर्थ

Disability Pension के मामलों में तीन शब्द सबसे अधिक उपयोग किए जाते हैं।

Attributable का अर्थ है कि बीमारी सीधे Military Service के कारण हुई।

Aggravated का अर्थ है कि पहले से मौजूद बीमारी Military Service के कारण अधिक गंभीर हो गई।

NANA (Neither Attributable Nor Aggravated) का अर्थ है कि Medical Board के अनुसार बीमारी का Military Service से कोई संबंध नहीं है। हालांकि यदि NANA घोषित कर दिया जाए, तब भी सैनिक न्यायालय में इसे चुनौती दे सकता है और कई मामलों में अदालतों ने Medical Board की राय को अस्वीकार भी किया है।

हाल के महत्वपूर्ण कोर्ट फैसले

हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण फैसलों ने सैनिकों के पक्ष को मजबूत किया है।

Armed Forces Tribunal Chandigarh ने 2024 में एक ऐसे सैनिक को Disability Pension प्रदान की जिसने 27 वर्ष सेवा की थी और सेवा के दौरान Primary Hypertension विकसित हुई थी। Medical Board ने NANA घोषित किया था, लेकिन Tribunal ने Supreme Court के सिद्धांतों का पालन करते हुए Disability Pension और Rounding Off का लाभ दिया।

Punjab एवं Haryana High Court ने 2025 में भी स्पष्ट किया कि यदि भर्ती के समय सैनिक स्वस्थ था और बाद में Hypertension विकसित हुआ, तो बीमारी को Military Service से जुड़ा माना जाएगा जब तक सरकार विपरीत प्रमाण प्रस्तुत न करे।

2026 में Punjab एवं Haryana High Court ने दोबारा सैनिकों के पक्ष में फैसला देते हुए कहा कि केवल Medical Board की राय अंतिम नहीं है। यदि बीमारी सेवा के दौरान विकसित हुई है तो Disability Pension देने से केवल सामान्य निष्कर्षों के आधार पर इनकार नहीं किया जा सकता।

Delhi High Court ने भी यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि केवल Hypertension को “Lifestyle Disorder” कह देना Disability Pension अस्वीकार करने का पर्याप्त आधार नहीं है। Pension संबंधी कानूनों की व्याख्या सैनिकों के हित में उदारतापूर्वक की जानी चाहिए।

किन कारणों से दावे अक्सर अस्वीकार होते हैं?

Hypertension के मामलों में Disability Pension अक्सर इसलिए अस्वीकार कर दी जाती है क्योंकि Medical Board NANA घोषित कर देता है, बीमारी को Lifestyle Disease बताया जाता है, बीमारी Peace Station में विकसित हुई होती है या Service Stress का विस्तृत विश्लेषण नहीं किया जाता। लेकिन विभिन्न न्यायालयों ने बार-बार कहा है कि केवल इन कारणों से सैनिक का दावा खारिज नहीं किया जा सकता, विशेषकर जब भर्ती के समय वह पूरी तरह स्वस्थ था।

अपील करने से पहले कौन-कौन से दस्तावेज रखें?

यदि आपका दावा अस्वीकार हो गया है तो Enrolment Medical Examination Report, Release Medical Board Proceedings, Invaliding Medical Board Proceedings, PCDA(P) द्वारा जारी Rejection Letter, Service Records तथा सेवा के दौरान बीमारी से संबंधित Medical Records सुरक्षित रखें। यही दस्तावेज Armed Forces Tribunal या High Court में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य बनते हैं।

क्या ER 2023 और GMO 2023 के बाद भी राहत मिल सकती है?

जी हां। ER 2023 और GMO 2023 लागू होने के बाद नियमों में बदलाव अवश्य हुआ है, लेकिन Supreme Court और High Courts के स्थापित कानूनी सिद्धांत आज भी प्रभावी हैं। यदि कोई सैनिक भर्ती के समय स्वस्थ था और सेवा के दौरान Hypertension विकसित हुई, तो वह अपने मामले के तथ्यों के आधार पर कानूनी राहत प्राप्त कर सकता है। Medical Assessment और Legal Entitlement दोनों अलग-अलग विषय हैं, इसलिए कम Disability Percentage होने के बावजूद न्यायालय परिस्थितियों के अनुसार सैनिक के पक्ष में निर्णय दे सकते हैं।

निष्कर्ष

Army, Navy और Air Force के कर्मियों के लिए Hypertension पर Disability Pension का विषय केवल Medical Assessment तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार भी है। ER 2023 और GMO 2023 के बाद नियमों में परिवर्तन अवश्य हुए हैं, लेकिन Supreme Court, Armed Forces Tribunal और High Courts के कई फैसले यह स्पष्ट करते हैं कि यदि भर्ती के समय सैनिक स्वस्थ था और सेवा के दौरान उसे Primary Hypertension हुआ, तो सामान्य परिस्थितियों में उसे Military Service से जुड़ा माना जा सकता है। यदि आपका दावा NANA या Lifestyle Disease के आधार पर अस्वीकार हुआ है, तो उपलब्ध न्यायिक निर्णयों और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर अपील करना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है।

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