पूर्व सैनिकों को भी मिल सकता है Fixed Medical Allowance (FMA), लेकिन इन शर्तों को पूरा करना है जरूरी

देश के लाखों पूर्व सैनिक (Ex-Servicemen) और रक्षा पेंशनभोगी चिकित्सा सुविधाओं के लिए Ex-Servicemen Contributory Health Scheme (ECHS) पर निर्भर हैं। आमतौर पर यह माना जाता है कि सभी पूर्व सैनिक ECHS के तहत आते हैं और उन्हें अलग से कोई चिकित्सा भत्ता नहीं मिलता। लेकिन वास्तव में कुछ विशेष श्रेणियों के रक्षा पेंशनभोगी आज भी Fixed Medical Allowance (FMA) प्राप्त करने के पात्र हैं।

रक्षा मंत्रालय के पूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कुछ पूर्व सैनिकों और फैमिली पेंशनरों को निर्धारित शर्तों के अधीन Fixed Medical Allowance दिया जाता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि कौन पात्र है और कौन नहीं।

क्या है Fixed Medical Allowance (FMA)?

Fixed Medical Allowance (FMA) एक मासिक भत्ता है, जो उन पेंशनभोगियों को दिया जाता है जो सरकारी अस्पतालों की OPD सुविधाओं का उपयोग नहीं करते और अपनी दैनिक चिकित्सा आवश्यकताओं का खर्च स्वयं वहन करते हैं।

यह भत्ता अस्पताल में भर्ती (Hospitalization) के खर्च के लिए नहीं बल्कि सामान्य चिकित्सा व्यय को पूरा करने के लिए दिया जाता है।

ECHS और FMA के बीच क्या संबंध है?

रक्षा मंत्रालय के नियमों के अनुसार 1 अप्रैल 2003 या उसके बाद सेवानिवृत्त होने वाले सभी सशस्त्र बल कर्मियों के लिए ECHS सदस्यता अनिवार्य है।

इसलिए:

  • 01.04.2003 या उसके बाद सेवानिवृत्त पूर्व सैनिकों को ECHS का सदस्य बनना अनिवार्य है।
  • ऐसे पूर्व सैनिक सामान्यतः Fixed Medical Allowance प्राप्त करने के पात्र नहीं होते।
  • ECHS सदस्य होने पर चिकित्सा सुविधाएं ECHS के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती हैं।

किन पूर्व सैनिकों को मिल सकता है Fixed Medical Allowance?

रक्षा मंत्रालय के पत्र संख्या 1(10)/2009-D(Pen/Policy) दिनांक 29 अगस्त 2017 के अनुसार निम्नलिखित श्रेणी के पेंशनभोगी FMA के पात्र हैं:

पात्रता की मुख्य शर्तें

 सेवानिवृत्ति की तिथि 1 अप्रैल 2003 से पहले हो।

 संबंधित पेंशनभोगी या फैमिली पेंशनर ECHS का सदस्य हो।

 उसने सशस्त्र बल अस्पतालों/MI Room की OPD चिकित्सा सुविधा नहीं लेने का विकल्प चुना हो।

 अन्य सभी शर्तें रक्षा मंत्रालय के पूर्व आदेशों के अनुरूप पूरी हों।

01 अप्रैल 2003 की तिथि क्यों महत्वपूर्ण है?

1 अप्रैल 2003 को ECHS योजना लागू होने के बाद से सेवानिवृत्त होने वाले सैन्य कर्मियों के लिए ECHS सदस्यता अनिवार्य कर दी गई।

इसलिए:

श्रेणी                                                                 FMA की पात्रता

01.04.2003 से पहले सेवानिवृत्त                          पात्र हो सकते हैं (शर्तों के अधीन)

01.04.2003 के बाद सेवानिवृत्त                           सामान्यतः पात्र नहीं

ECHS सदस्य                                                   FMA नहीं

ECHS सदस्य नहीं और पात्र श्रेणी में आते हैं        FMA मिल सकता है

2017 में कितना बढ़ाया गया था FMA?

रक्षा मंत्रालय ने 29 अगस्त 2017 के आदेश द्वारा Fixed Medical Allowance को:

  • ₹500 प्रति माह से बढ़ाकर
  • ₹1000 प्रति माह

कर दिया था।

यह संशोधन 1 जुलाई 2017 से प्रभावी किया गया था।

हालांकि बाद के वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर FMA दरों में संशोधन किए गए हैं। इसलिए वर्तमान दर की पुष्टि संबंधित पेंशन वितरण एजेंसी या नवीनतम सरकारी आदेश से की जानी चाहिए।

फैमिली पेंशनर भी हैं पात्र

यह सुविधा केवल पूर्व सैनिकों तक सीमित नहीं है। यदि किसी रक्षा पेंशनभोगी की मृत्यु हो चुकी है और उसका परिवार फैमिली पेंशन प्राप्त कर रहा है, तो निर्धारित शर्तें पूरी होने पर फैमिली पेंशनर भी Fixed Medical Allowance प्राप्त कर सकते हैं।

FMA प्राप्त करने के लिए क्या करना होगा?

पात्र पूर्व सैनिकों और फैमिली पेंशनरों को सामान्यतः यह सुनिश्चित करना होता है कि:

  • वे ECHS सदस्य न हों।
  • उन्होंने OPD सुविधा का विकल्प नहीं चुना हो।
  • आवश्यक घोषणा एवं दस्तावेज संबंधित पेंशन प्राधिकरण को उपलब्ध कराए हों।

किसी भी आवेदन या दावा प्रस्तुत करने से पहले नवीनतम दिशा-निर्देशों की जांच करना आवश्यक है।

पूर्व सैनिकों के लिए महत्वपूर्ण संदेश

कई पुराने रक्षा पेंशनभोगी यह मानकर चलते हैं कि ECHS सदस्य न होने पर उन्हें कोई चिकित्सा लाभ नहीं मिल सकता। जबकि वास्तविकता यह है कि 1 अप्रैल 2003 से पूर्व सेवानिवृत्त कुछ पूर्व सैनिक और फैमिली पेंशनर आज भी Fixed Medical Allowance के पात्र हो सकते हैं।

यदि आप या आपके परिवार में कोई रक्षा पेंशनभोगी इस श्रेणी में आता है, तो संबंधित रिकॉर्ड और पात्रता की जांच अवश्य करें।

निष्कर्ष

रक्षा मंत्रालय के स्पष्ट आदेश के अनुसार 01 अप्रैल 2003 से पहले सेवानिवृत्त हुए ऐसे पूर्व सैनिक और फैमिली पेंशनर, जिन्होंने Armed Forces Hospitals की OPD सुविधाओं का विकल्प नहीं चुना है और जो ECHS सदस्य नहीं हैं, उन्हें Fixed Medical Allowance (FMA) दिया जा सकता है।

दूसरी ओर, 01 अप्रैल 2003 या उसके बाद सेवानिवृत्त अधिकांश पूर्व सैनिकों के लिए ECHS सदस्यता अनिवार्य होने के कारण वे FMA के पात्र नहीं होते।

इसलिए प्रत्येक पूर्व सैनिक और फैमिली पेंशनर को अपनी सेवानिवृत्ति तिथि, ECHS सदस्यता स्थिति और चिकित्सा विकल्पों की समीक्षा करनी चाहिए ताकि वे अपने वैधानिक लाभों से वंचित न रहें।

स्रोत: रक्षा मंत्रालय, पूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा जारी पत्र संख्या 1(10)/2009-D(Pen/Policy), दिनांक 29 अगस्त 2017।
मूल आदेश: DESW Official Order PDF

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